NRI बनकर शादी का झांसा, गिफ्ट-कस्टम ड्यूटी के नाम पर 7.50 लाख की ठगी; अंतरराज्यीय गिरोह के 6 आरोपी गिरफ्तार

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प्रारंभिक जांच में गिरोह द्वारा 100 से अधिक साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम देकर 11 करोड़ रुपए से अधिक की ठगी किए जाने की जानकारी सामने आई है। गिरोह के तार अंतरराष्ट्रीय स्तर तक जुड़े होने की भी जांच की जा रही है।

जनसंवाद न्यूज़ मंदसौर।

 मैट्रिमोनियल साइट पर शादी का झांसा देकर युवती से लाखों रुपए ठगने वाले अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का शामगढ़ पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के मुख्य सरगना सहित छह आरोपियों को राजस्थान और बिहार से गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में गिरोह द्वारा 100 से अधिक साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम देकर 11 करोड़ रुपए से अधिक की ठगी किए जाने की जानकारी सामने आई है। गिरोह के तार अंतरराष्ट्रीय स्तर तक जुड़े होने की भी जांच की जा रही है।

NRI बनकर बढ़ाया भरोसा, फिर गिफ्ट भेजने के नाम पर वसूली

शामगढ़ क्षेत्र की एक युवती ने मैट्रिमोनियल वेबसाइट पर अपना प्रोफाइल बनाया था। इसी दौरान गिरोह के सदस्य ने खुद को NRI बताकर उससे संपर्क किया और शादी का झांसा दिया। आरोपी ने फर्जी फोटो और नकली परिजनों के जरिए व्हाट्सएप पर बातचीत कर युवती का विश्वास हासिल किया। इसके बाद विदेश से महंगा गिफ्ट भेजने की बात कही गई।

गिफ्ट कस्टम में फंसने, कस्टम ड्यूटी, प्रोसेसिंग फीस सहित अलग-अलग शुल्क के नाम पर युवती से विभिन्न बैंक खातों में रुपए जमा करवाए गए। ठगी का अहसास होने तक आरोपी उससे करीब 7.50 लाख रुपए ट्रांसफर करवा चुके थे। शिकायत के बाद शामगढ़ थाने में अपराध क्रमांक 282/26, धारा 318(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

डेढ़ माह तक तकनीकी जांच, फिर अलग-अलग राज्यों में दबिश

कार्रवाई पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीना के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने की। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गरोठ रामसनेही मिश्रा और एसडीओपी सीतामऊ दिनेश प्रजापति के मार्गदर्शन में शामगढ़ थाना प्रभारी उपनिरीक्षक कपिल सौराष्ट्री के नेतृत्व में साइबर सेल और थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने करीब डेढ़ माह तक तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया। इसके बाद टीम ने करीब 15 दिन तक अलग-अलग राज्यों में दबिश देकर आरोपियों को गिरफ्तार किया।

150 से ज्यादा म्यूल अकाउंट और सिम का इस्तेमाल

जांच में सामने आया कि गिरोह ठगी की रकम के लेन-देन के लिए अलग-अलग राज्यों में 150 से अधिक म्यूल बैंक अकाउंट और मोबाइल सिम का इस्तेमाल कर चुका है। पुलिस के अनुसार आगरा, फिरोजाबाद, दिल्ली और बिहार से बड़ी संख्या में सिम उपलब्ध कराई गईं, जबकि कुछ सिम और बैंक खाते भोपाल से भी लिए गए थे।

गिरोह के सदस्य ठगी की रकम निकालने के लिए अलग-अलग राज्यों में अस्थायी ठिकाने बनाते थे और कुछ समय बाद जगह बदल देते थे। बैंक खाते फ्रीज होने पर मोबाइल, सिम, पासबुक और एटीएम कार्ड नष्ट कर नए उपकरण और खातों का इस्तेमाल किया जाता था।

22 मोबाइल, 30 सिम और 5 एटीएम कार्ड जब्त

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 22 एंड्रॉयड मोबाइल फोन, 30 मोबाइल सिम और 5 एटीएम कार्ड बरामद किए हैं। अलग-अलग बैंक खातों में जमा 8 लाख रुपए से अधिक की राशि को फ्रीज कराया गया है। पुलिस के अनुसार वैधानिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह राशि न्यायालयीन प्रक्रिया के माध्यम से पीड़िता को दिलाई जाएगी।

बिहार से पकड़े गए छह आरोपी

पुलिस ने बिहार के पूर्वी चंपारण और गोपालगंज क्षेत्र से जुड़े छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें त्रिलोकी कुमार (26), शिवम गुप्ता (25), बबलू कुशवाह (25), गुंजन गुप्ता (29), शशि कुमार (24) निवासी भेलाही, पूर्वी चंपारण तथा टोनी कुमार (34) निवासी छपिया, गोपालगंज शामिल हैं।

पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों, बैंक खातों, सिम उपलब्ध कराने वाले नेटवर्क और कथित अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की जानकारी जुटा रही है।

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