प्रदर्शनकारी हाथों में चूड़ियां लेकर पहुंचे और अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों की निष्क्रियता के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद व्यापारी लदुना चौराहे पहुंचे, जहां करीब तीन घंटे तक चक्काजाम कर विरोध दर्ज कराया गया।
सीतामऊ अग्निकांड पर भड़का व्यापारियों का गुस्सा, नगर परिषद घेराव के बाद 3 घंटे चक्काजाम
जनसंवाद न्यूज़ मंदसौर
सीतामऊ बस स्टैंड क्षेत्र में रविवार देर रात हुए भीषण अग्निकांड के बाद सोमवार को व्यापारियों और नागरिकों का आक्रोश सड़कों पर फूट पड़ा। सीतामऊ बंद के आह्वान के साथ व्यापारियों ने नगर परिषद का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया और खराब फायर ब्रिगेड व्यवस्था व प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल उठाए।प्रदर्शनकारी हाथों में चूड़ियां लेकर पहुंचे और अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों की निष्क्रियता के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद व्यापारी लदुना चौराहे पहुंचे, जहां करीब तीन घंटे तक चक्काजाम कर विरोध दर्ज कराया गया। प्रदर्शन के चलते यातायात व्यवस्था प्रभावित रही। व्यापारियों ने मांग की कि क्षेत्र में आधुनिक फायर ब्रिगेड व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों पर समय रहते काबू पाया जा सके। सीतामऊ एसडीएम शिवानी गर्ग के आश्वासन के बाद धरना समाप्त हुआ। उन्होंने बताया कि फायर ब्रिगेड व्यवस्था में लापरवाही को लेकर सीएमओ के खिलाफ रिपोर्ट कलेक्टर को भेजी गई है। साथ ही प्रभावित दुकानों के नुकसान का पंचनामा बनाकर नियमानुसार मुआवजा दिलाने की कार्रवाई की जाएगी।गौरतलब है कि रविवार देर रात बस स्टैंड क्षेत्र स्थित उदिया सेठ की किराना दुकान में अचानक आग भड़क उठी थी। देखते ही देखते आग ने आसपास की 7 से 8 दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में एक करोड़ रुपए से अधिक के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दुकान में रखे तेल के ड्रम और अन्य ज्वलनशील सामग्री के कारण आग तेजी से फैल गई। पूरा कॉम्प्लेक्स धुएं से भर गया और आग ऊपरी मंजिल तक पहुंच गई। हालात बिगड़ते देख आसपास की दुकानों और भवनों को खाली कराया गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि दमकल वाहन काफी देर बाद मौके पर पहुंचे। तब तक व्यापारी, नागरिक और पुलिसकर्मी निजी पानी के टैंकरों की मदद से आग बुझाने में जुटे रहे। बाद में मंदसौर, नगरी और सुवासरा से फायर ब्रिगेड वाहन बुलाए गए, जिसके बाद देर रात करीब ढाई बजे आग पर नियंत्रण पाया जा सका।
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