एडिफाई स्कूल परिसर में शिशुवन स्कूल के नन्हे छात्रों के लिए ग्रेजुएशन समारोह आयोजन संपन्न हुआ। इस दौरान बच्चों ने रंगारंग प्रस्तुतियों ने समारोह में चार चांद लगा दिए। समारोह के अंत में छात्रों को ग्रेजुएशन सर्टिफिकेट प्रदान किए गए।
एडिफाई स्कूल परिसर में शिशुवन स्कूल के नन्हे छात्रों के लिए ग्रेजुएशन समारोह आयोजन संपन्न हुआ





जनसंवाद न्यूज़ मंदसौर
एडिफाई स्कूल परिसर में शिशुवन स्कूल के नन्हे छात्रों के लिए ग्रेजुएशन समारोह आयोजन संपन्न हुआ। इस विशेष अवसर पर आईके-3 के सभी 5 सेक्शनों के छात्रों ने अपनी गाउन और कैप पहनकर गर्व से मंच पर कदम रखा और अपने शैक्षणिक सफर के इस महत्वपूर्ण पड़ाव को पार करते हुए जीवन के नए आयाम स्थापित करने के लिए एक कदम और आगे बढ़ाया। समारोह की शुरूआत में शिशुवन स्कूल की हेड मैम मिस. सीबी ने सभी का स्वागत किया। शुभकामनाएँ प्रेषित की। तत्पश्चात कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजकुमार त्रिपाठी (वरिष्ठ सिविल जज), सुश्री रोहिणी तिवारी (वरिष्ठ सिविल जज), डॉ. आकांक्षा त्यागी और डॉ. शम्मी चतुवेदी ने अपने प्रेरणादायक उद्बोधन से बच्चों का उत्साहवर्धन किया और उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं। वरिष्ठ सिविल जज श्रीमान राजकुमार त्रिपाठी ने शिक्षकों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी कड़ी मेहनत और समर्पण ही बच्चों के सुनहरे भविष्य का आधार है। इस अवसर पर बच्चों की रंगारंग प्रस्तुतियों ने समारोह में चार चांद लगा दिए। उनकी शानदार प्रस्तुति ने उपस्थित अभिभावकों और शिक्षकों का दिल जीत लिया। समारोह के अंत में छात्रों को ग्रेजुएशन सर्टिफिकेट प्रदान किए गए। उनके चेहरे पर गर्व और खुशी की झलक ने दर्शकों एवं अभिभावकों को अभिभूत कर दिया। अभिभावकों की ओर से श्री सिद्धार्थ गौड़ और सुश्री पूर्णिमा अग्रवाल ने भी स्कूल को बधाई दी और कहा कि शिक्षकों की मेहनत ही बच्चों की प्रगति का असली आधार है। विद्यालय के प्राचार्य डॉ.आदित्य कुमार ने अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि हम पूर्ण रूप से अश्वस्त करने का प्रयास करते हैं कि हम अपने छात्रों को सर्वोत्तम शिक्षा और सुविधाएँ प्रदान करेंगे, जैसा कि एडिफाई स्कूल हमेशा करता आया है। स्कूल प्रशासन और शिक्षकों ने अभिभावकों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया और बच्चों के उज्जवल भविष्य की कामना की। यह आयोजन न केवल छात्रों के लिए बल्कि उनके माता-पिता और शिक्षकों के लिए भी एक यादगार और अविस्मरणीय भावनात्मक क्षण रहा।