मंदसौर के चंद्रपुरा में पूर्वजों के समय से चली आ रही परंपरा निभाई, काल भैरव के सामने पूजा के बाद गधों को छोड़ा
बारिश के लिए श्मशान में गधों से कराई नमक-उड़द की बुवाई
जनसंवाद न्यूज़ मंदसौर
बारिश की लंबी खेंच से चिंतित चंद्रपुरा क्षेत्र के लोगों ने बुधवार रात अच्छी बारिश की कामना को लेकर वर्षों पुरानी परंपरा निभाई। लोगों ने गधों को फूल-मालाएं पहनाईं और पूजा-अर्चना के बाद उन्हें श्मशान घाट ले जाया गया। यहां काल भैरव के सामने धार्मिक रस्में पूरी करने के बाद गधों से नमक और उड़द की बुवाई कराई गई। रस्म पूरी होने के बाद गधों को वहां से छोड़ दिया गया।
स्थानीय लोगों के अनुसार यह परंपरा पूर्वजों के समय से चली आ रही है। मान्यता है कि जब बारिश नहीं होती है तो श्मशान घाट में गधों से नमक और उड़द की बुवाई कराकर उन्हें छोड़ दिया जाता है। लोगों का विश्वास है कि गधे अपने घर पहुंचने से पहले ही बारिश शुरू हो जाती है। अच्छी बारिश होने के बाद इन्हीं गधों को दोबारा खोजकर उनका सम्मान किया जाता है और गुलाब जामुन खिलाए जाते हैं।
इस दौरान परंपरा के तहत दो लोग भी गधों के पीछे माला पहनकर नग्न अवस्था में चले। स्थानीय लोगों ने इसे भी इस धार्मिक रस्म का हिस्सा बताया। पार्षद प्रतिनिधि शैलेंद्र गिरी गोस्वामी ने बताया कि क्षेत्र में बारिश के लिए यह परंपरा लंबे समय से निभाई जा रही है। लोगों की आस्था है कि इस तरह की रस्म निभाने से इंद्रदेव प्रसन्न होते हैं और बारिश होती है।
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