मंदसौर भूखी में बनेगी 1000 कैदियों की क्षमता वाली अत्याधुनिक जिला जेल, 132.67 करोड़ रुपये की परियोजना को मिली मंजूरी

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कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग के विशेष प्रयासों और लगातार अनुश्रवण के परिणामस्वरूप इस परियोजना को शासन स्तर पर स्वीकृति प्राप्त हुई है।

जनसंवाद न्यूज़ मंदसौर।
 जिले की न्यायिक एवं कारागार व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। मंदसौर में 1000 कैदियों की क्षमता वाली अत्याधुनिक नवीन जिला जेल के निर्माण को अंतिम स्वीकृति मिल गई है। मुख्य सचिव की बैठक में इस महत्वाकांक्षी परियोजना को मंजूरी प्रदान की गई। नवीन जेल का निर्माण लगभग 132.67 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा। कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग के विशेष प्रयासों और लगातार अनुश्रवण के परिणामस्वरूप इस परियोजना को शासन स्तर पर स्वीकृति प्राप्त हुई है। वर्तमान में संचालित जेल की सीमित क्षमता और बढ़ती आवश्यकताओं को देखते हुए आधुनिक सुविधाओं एवं उच्च सुरक्षा मानकों से युक्त नई जेल का निर्माण किया जाएगा। यह नवीन जिला जेल वर्तमान उपजेल से लगभग 8 किलोमीटर दूर ग्राम भूकी, तहसील मंदसौर में जेल विभाग को आवंटित 15.85 हेक्टेयर भूमि पर स्थापित की जाएगी। जेल परिसर में 1000 कैदियों के आवास के लिए पर्याप्त क्षमता वाली बैरकों का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा प्रशासनिक भवन, प्रवेश भवन, ऑडिटोरियम, प्रशिक्षण भवन, वर्कशॉप, अस्पताल, महिला झूलाघर, गार्ड रूम, खुली जेल, वॉच टावर, भंडार गृह और आवासीय भवन भी बनाए जाएंगे। सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए बाउंड्री वॉल, मुख्य प्रवेश द्वार तथा अन्य आवश्यक आधारभूत विकास कार्य भी किए जाएंगे। परियोजना के लिए ग्राम भूकी स्थित भूमि पूर्व में ही जेल विभाग को आवंटित की जा चुकी है। इसमें खसरा क्रमांक 21 (5.79 हेक्टेयर), खसरा क्रमांक 24 (1.90 हेक्टेयर), खसरा क्रमांक 27 (3.18 हेक्टेयर) तथा खसरा क्रमांक 28 (4.98 हेक्टेयर) की भूमि शामिल है। कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग ने बताया कि शासन से स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण कार्य की आगामी प्रक्रियाएं शीघ्र प्रारंभ की जाएंगी। उन्होंने कहा कि यह परियोजना जिले के विकास एवं आधारभूत संरचना सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। नई जेल के निर्माण से कैदियों के आवास, सुरक्षा, प्रशिक्षण, पुनर्वास और प्रशासनिक व्यवस्थाओं में गुणात्मक सुधार आएगा तथा भविष्य की जरूरतों के अनुरूप आधुनिक और सुव्यवस्थित कारागार व्यवस्था विकसित हो सकेगी। 

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